यह क्रिया अत्यंत शक्तिशाली और घातक है। इसे कभी भी बेवजह या किसी पैसों की लालच में प्रयोग न करें। इसका प्रयोग केवल अत्यंत आवश्यकता और सोच-समझकर ही किया जाना चाहिए। यदि इसका अनुचित प्रयोग किया गया तो यह सीधे लक्षित व्यक्ति और उसके परिवार पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

क्रिया के लिए आवश्यक सामग्री हैं: एक नारियल, एक नींबू, पांच तरह की मिठाई, सवा पांव संदल बुरादा, अगरबत्ती, और एक फूल माला। इस सारी सामग्री को नदी किनारे ले जाएँ। अगरबत्ती और संदल बुरादा जलाएँ और नींबू छोड़कर बाकी सामग्री बीर को अर्पित करें। इसके बाद मंत्र को 121 बार जाप करें और नींबू पर फूंक मारें। बाकी सभी सामग्री वहीं छोड़ दें और नींबू घर के दरवाजे पर फेंक दें और कहें कि यही घर है और यही व्यक्ति है।

यदि यह नींबू गिरकर समाप्त हो जाता है, तो क्रिया पूरी होती है।

इस क्रिया को नवरात्रि में 11 माला रोज़ जाप करके सिद्ध किया जा सकता है, लेकिन कवच और सुरक्षा उपायों के साथ ही। यह विधि घातक है और इसका अनुचित प्रयोग भयंकर परिणाम दे सकता है।

मंत्र

खत की करूँ पूजा, रक्त का बहे पवन, उलट बेलिया बैठ बीर, फलां का कलेजा चीर,नारसिंह बीर न चीरै तो हजरत सुलेमान पैगम्बर के तख्त मे जकड़ा जावे, दुहाई नारसिंह महावीर की।