विवरण लोककथाओं में चुड़ैलें उन आत्माओं के रूप में वर्णित होती हैं जिनका मरना असामान्य या दुखद तरीके से हुआ हो। परंपरागत कथाओं में उनकी स्वभाविक विशेषताएँ, अनुरोध और आचरण भिन्न‑भिन्न होते हैं। यहाँ प्रस्तुत साधना पारम्परिक रूपक और लोक‑श्रद्धा के अनुरूप है तथा इसे केवल प्रतीकात्मक/धार्मिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। यह साधना आत्म‑सुरक्षा,…

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