जिन लोगो के कोई गुरु नहीं है,और जो बिल्कुल नय है, साधना क्षेत्र में, उनके लिए
सबसे सरल, भयहीन साधना है, इसमें दूत

साधक को तनिक भी नहीं डराता, न ही नुकसान होता है। किसी चीज का बहुत आसान सरल सौम्य प्रयोग है।

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