शिव धन प्रदाता स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली और दुर्लभ स्तोत्र है जो भगवान शिव के धनप्रदायक स्वरूप की स्तुति करता है। इसका नियमित पाठ साधक को:

  • आर्थिक संकट से मुक्ति,
  • व्यापार या नौकरी में उन्नति,
  • स्थिरता, सुख-शांति, और
  • समृद्धि का अनुभव कराता है।

साधना का उद्देश्य

यह स्वयं रचित और आजमाया हुआ स्तोत्र है।
इसका प्रयोग सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति हेतु किया जाता है —
जैसे धन प्राप्ति, वर प्राप्ति, पुत्र प्राप्ति, नौकरी प्राप्ति या रोग मुक्ति आदि।

प्रत्येक पाठ के अंत में अपनी विशिष्ट इच्छा अवश्य बोलें —
उदाहरण:

“भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।”
“भगवान शिव मुझे रोगमुक्त करें।”
“भगवान शिव मुझे पुत्र प्रदान करें।”


📜 साधना सारणी

क्रमतत्वविवरण
1दिनपूर्ण सावन मास या किसी भी सोमवार से प्रारंभ
2दिन जाप40 दिन
3समयप्रातः 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक
4वस्त्रसफेद
5आसनलाल या सफेद
6मालानहीं
7जाप / पाठ108 पाठ प्रतिदिन
8दिशापश्चिम मुख
9पूजन विधिपंचोपचार
10कवच प्रयोगनहीं
11पूजन क्रमगुरु, गणेश, ईष्ट, पितर, कुलदेवता, शिव जी, माता पार्वती, कुबेर, लक्ष्मी माता
12भोगसफेद मिठाई

(नित्य पूजन साधना से पहले अलग से कर लें)


🔱 साधना विधि

  1. प्रातः स्नान कर सफेद वस्त्र धारण करें।
  2. पश्चिम मुख होकर बैठे, सामने शिवलिंग स्थापित करें।
  3. गुरु, गणेश, ईष्ट, पितर, कुलदेवता, शिव–पार्वती, कुबेर, लक्ष्मी का पंचोपचार पूजन करें।
  4. शिवलिंग पर भगवान शिव और माता पार्वती का आवाहन करें।
  5. यथाशक्ति सामग्रियों से पूजन कर आशीर्वाद लेकर पाठ प्रारंभ करें।

📖 शिव धन प्रदाता स्तोत्र

कैलाशवासी श्री शिवजी और श्री पार्वती जी को नमस्कार है।

जिनकी जटाओं में गंगा का वास है —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनके मस्तक पर चंद्रमा सुशोभित है —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनके तीन नेत्र हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनका कंठ विषपान से नीला है —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो गले में सर्प का आभूषण धारण करते हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो वाघम्बर वस्त्र धारण करते हैं —
ऐसे शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनके चरण कमल सदा पूजनीय हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनकी सवारी नंदी है —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो शत्रुओं के संहार हेतु त्रिशूल धारण करते हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनका यश दसों दिशाओं में व्याप्त है —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनके बाईं ओर माता पार्वती विराजमान हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो काल के भी काल महाकाल हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो सर्वज्ञ और सर्वत्र हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो देव, दानव, नाग, यक्ष, गंधर्व, मनुष्य सभी द्वारा वंदनीय हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो भक्तों को सर्वसिद्धियां प्रदान करते हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो अक्षय धन और समृद्धि के दाता हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनकी कृपा से कुबेर देव को देवकोषाध्यक्ष पद प्राप्त हुआ —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो विघ्नहर गणेश के पिता हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनके नामस्मरण से सभी पाप नष्ट होते हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो भक्तों के घर धन–धान्य से भर देते हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो भक्तों के शत्रुओं का संहार करते हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो आदि, अनंत, अविनाशी ईश्वर हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो क्षण मात्र में सृष्टि का संहार करते हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो महासिद्ध, महायोगी, महाकाल हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो तंत्र–मंत्र के आदि गुरु हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो कैलाश पर देवी शिवा के साथ निवास करते हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो सृष्टि के उत्पत्ति, पालन और संहारकर्ता हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनकी लीला अपरंपार है —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो ओघड़ दानी, शीघ्र प्रसन्न होने वाले हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनकी कृपा से मनुष्य भवसागर पार करता है —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो मुक्ति के एकमात्र दाता हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिन्हें कोई भी पूर्णतः नहीं जान पाया —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

त्रिपुरासुर संहारक —
भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जल के लोटे से प्रसन्न होने वाले —
भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिन्होंने विष्णु को सुदर्शन चक्र प्रदान किया —
भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

देवताओं के सेनापति कार्तिकेय के पिता —
भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनकी सेवा में यक्षराज मणिभद्र तत्पर रहते हैं —
भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जो संकट में देवों और मनुष्यों की रक्षा करते हैं —
भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।

जिनकी कृपा से चंचला लक्ष्मी घर में स्थायी होती हैं —
ऐसे भगवान शिव मुझे धन प्रदान करें।


(यह एक पाठ है — प्रतिदिन 108 पाठ करें।)