November 29, 2025 कब्ज कोई बीमारी नहीं हमारे पाचन तंत्र को ओवरलोड कर क्षीण करने की अवस्था है जो देर रात खाने खूब चबाकर न खाने अधिक तलाभुना खाने गरिष्ठ भोजन से तथा अधिक मीठे और मैदे के भोजन करने से जाम हो गई आंतों की वजह से होता है ये पाचन तंत्र की स्थिलता और ओवरलोड हैDr.Jaibir Singh जब तक लीवर आंतों पेट को आराम नहीं दोगे ये पाचन तंत्र खुद को कभी रिपेयर नहीं कर पाएगा रंगे सियार तुम्हें दवा दे देकर कैंसर का भावी मरीज बना देंगे उपचार सिर्फ और सिर्फ एक सुबह चाय बिल्कुल बंद भूख से कम खाओ भोजन फल या सलाद को बहुत चबा चबाकर खाएं क्योंकि जिसने दांतों का काम आंतों से लिया उसका पाचनतंत्र विनाश तय है पैकेट बंद प्रोसेस्ड फूड कोल्ड ड्रिंक प्रोसैस्ड जूस बिल्कुल नहीं पिएं मैदे से बनी चीजे तला हुआ भोजन बिल्कुल त्याग दें खाने के साथ दूध या पानी बिलकुल मत पियो इससे पाचक रस घुलकर कमजोर हो जाते हैं और खाना लेट पचेगा रात्रि भोजन न के बराबर करें कब्ज रोगी सौ ग्राम छोटी हरड़ को तवे पर भूनकर पाउडर बना लें और रात्रि सोते समय आधा से पौना चम्मच हल्के गर्म पानी या दूध से लें आंतों का शोधन होगा कोष्ठ बद्धता समाप्त होगी चित्र में दिखाया गया सांठी का साग भी कोष्ठ बद्धता समाप्त करता है लीवर किडनी की रक्षा करता है इसके पत्तों को चबाकर खा सकते हैं साग बनाया जाता है तो कोष्ठ बद्धता यानी कब्ज़ का बेहतरीन उपचार है! पूरे पौधे के पंचांग का स्वरस निकाल सकते हैं 30 मिली लीटर सुबह खाली पेट लेने से शरीर विषाक्तता से मुक्त होता है लीवर किडनी की रक्षा होती है तथा कैंसर कारक तत्वों का विनाश होता है यह शरीर को दूषित तत्वों एनाल्जेसिक दवाओं और स्टेरॉइड्स के प्रभाव से मुक्त करता है इसका उपयोग पारंपरिक रूप से एडिमा, बुखार और रक्त विकारों के इलाज के लिए भी किया जाता है। इसके अतिरिक्त, यह पौधा विटामिन सी और खनिजों जैसे पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत है सुबह थोड़ा व्यायाम अवश्य करें गुनगुना पानी पिएं Share this… Facebook Whatsapp Messenger Twitter Linkedin Threads Telegram Email Copy