ॐ एक नमक रमता माता दूसरा नमक विरह से आता। तीसरा नमक औरी बौरी चौथा नमक रहै कर जोरी यह नमक अमुक’ खाये अमुक’ को छोड़ दूसरा नहीं जाये । दुहाई पीर औलिया की जो कहे सो सुने जो माँगे सो देय दुहाई गौरा पार्वती की दुहाई कामाख्या देवी की दुहाई गुरु गोरखनाथ की ।।

शनिवार के दिन उपरोक्त मंत्र की ३ माला जाप करके नमक में फूक मार खिलाने से वशीकरण होगा।।