ग्रहण को सम्पूर्ण ग्रहण तक जाप करे.
प्रयोग : दिन : मंगलवार से शुरुआत करें
समय :रात्री दस बजे के बाद
संख्या :31 माला जप
दिवस : 41 दिन तक करें
दिशा :उत्तर मे अपना मुख रखे.
दीपक :देसी घी का दीपक.
इत्र :गुलाब का.
अन्य :दीपक मे 2 बून्द इत्र 2 इलायची डालें रोज.
भोग : दूध से बनी मिठाई का.
भोजन: सात्विक रहेगा खुद बनाना खुद ही खाना
भोजन समय : दिन छुपने से डेढ़ घण्टा पहले भोजन कर लेना ।
भोजन जूठा नहीं छोड़ना ।
ब्रह्मचर्य: ब्रह्मचर्य पालन करना है.
शयन :धरती पर सोना।

उर्वशी अप्सरा स्वयं पत्नी रूप मे मिलती है अथवा उसके जैसी ही उसके गुण वाली गुणवती और सुंदर पत्नी मिलती है।एक 55 वर्ष के व्यक्ति को भी इसी मंत्र से सुंदर पत्नी प्राप्ति सम्भव है.

ओम ह्रीं नमस्तेस्तु महादेवी उर्वशीदेव्यै नमः देहि मे सुंदरी भार्या कुल कीर्तिवर्धनि ह्रीं ओम उर्वशीदेव्यै नमः