November 19, 2025 इस मंत्र का 11 बार जाप करके आसन पर बैठते ही, शूद्र-शक्तियाँ, भूत-प्रेत, बाधाएँ और छोटी-मोटी दैविक शक्तियाँ साधना में व्यवधान नहीं डाल पातीं; साथ ही किसी नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव साधक पर नहीं होता। यह मंत्र सरल है—साधक इसे स्मरण कर लें और हर साधना से पूर्व आसन बिछाते समय इसका जाप अवश्य करें। Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content. Join Now Already a member? Log in here