November 24, 2025 जब स्त्री बच्चे को जन्म देती है उस समय कई बार स्त्रियों के स्तन में गांठ जैसी बन जाती है स्तन लाल हो जाता है और स्त्री को असहय दर्द और बुखार होता है कई बार तो डॉक्टर उसे स्तन का कैंसर भी कह देते हैं जबकि उसका इलाज इस मन्त्र से आसांनी से हो जाता है प्रायः एक ही बार में ठीक हो जाता है ज्यादा तकलीफ हो तो तीन बार भी झाड़ना पड़ता है । इस मन्त्र का जप एक हजार बार करके सिद्ध कर लें ,सिद्ध करते समय एक लोटा जल रखें उतर मुख होकर बैठे कोई मीठा भोग लगाये भैरो बाबा का ,दीपक घी या सरसों तेल का ,गूगल धुप जलाए रात्रि को 8 बजे बाद बैठे |आसन वस्त्र का कोई दिक्कत नही फिर जिस तरफ स्त्री के स्तन में दर्द हो उससे उल्टी तरफ के अपने स्तन पर बिभूति से 5-7 बार मन्त्र पढ़ते हुए झाड़ें ।अमुकी की जगह उस स्त्री का नाम लें । एक अनुभवये आज से चालीस साल पहले की बात है किसी बुजुर्ग आदमी ने मुझे अपनी बहू के स्तन दर्द के बारे में कहा मैंने बिना बिभूति लिए ही अपने शरीर पर मन्त्र पढ़ कर झाड़ दिया वह स्त्री तो एक घण्टे में ठीक हो गई लेकिन मुझे छाती में भयंकर दर्द हो गया और तीन दिन बुखार रहा। इसलिये जब भी स्तन दर्द झाड़ें तो आराम से बैठ कर भगवान को याद करके उसके बाद बिभूति से झाड़ें।खड़े खड़े जल्दबाजी में न करें| कवच मन्त्र से पहले सुरक्षा भी लगा सकते है | ऊंची लंबी टेकड़ी भैरों गाय चरायेदूद्धि अपनी ठाकां पीड़ “अमुकी” की जाए क्रेडिट : सारस्वत जी Share this… Facebook Whatsapp Messenger Twitter Linkedin Threads Telegram Email Copy