November 24, 2025 कई बार लोग बंधन लगा देते है बंधन दुकान बिजनेस व्यवसाय रिश्ते विवाह धन सौन्दर्य पौरुष बल खेती धन पशु अनाज सबमे लगता है ,यहाँ तक की शरीर की उर्जा बलिष्ठता विकास आदि से लेकर सन्तान वृद्धि और तो और घर के देवता पित्तर तक का बंधन लग जाता है |अधिकतर बंधन आपके परिवारिक या परिचय का जुदा इन्सान ही करवाने वाला मिलता है क्योंकि तन्त्र अपने ही करवाते है गिरो को आपसे क्या दर्द |अगर कभी एसी परिस्थति हो तो ये मन्त्र बहुत अच्छा काम करता है 1000 जप 11-21 दिन में कर लें धुप दीप मीठा एक लोटा जल बस साधारण विधि है |बाद में जल, बिभूति बना कर देने से हर तरह के बंधन खुल जाते हैं अगर अपने ऊपर बन्धन हो तो एक काले रंग का डोरा ले कर उस पर 11 गांठ लगा लें हर रोज एक माला जप करें एक गांठ खोल दें । लोगों के बन्धन आसानी से खुल जाते हैं लेकिन अपना बन्धन खोलना मुश्किल होता है। ये मंन्त्र मेरा अनुभूत है। काली काली महाकाली ब्रह्मा की बेटी इन्द्र की साली काली माई फरमान सुनाया भैरों हनुमान को हाजिर बुलाया जल खोलूं जलवायु खोलूं खोलूं जल का वीर ,ऊपर खोले हनुमन्त योद्धा नीचे भैरों बीर ,घर खोलो द्वार खोलो बनिज खोलो व्यापार खोलो नौ सौ नाडी बहत्तर सौ कोठा खोलो नौ सौ नदी न्यानवे सौ नाला खोलो भाग्य के बंधन खोलो धन के बन्धन खोलो उल्टे सुलटे बन्धन खोल न खोलो तो माता काली की दुहाई गुरु गोरखनाथ की आन || यहां पितर और कुलदेवता के बन्धन खोलो शव्द जोड़ कर उनका भी बन्धन खुल जाते हैं। क्रेडिट : सूरज सारस्वत जी Share this… Facebook Whatsapp Messenger Twitter Linkedin Threads Telegram Email Copy