November 29, 2025 किसी भी पैथी की दवाएं केवल सहायक हैं पूर्ण स्वास्थ्य आपके खान-पान परहेज व्यायाम नियम निष्ठा से ही प्राप्त होगा ! केवल औषधियों के दम पर आरोग्य सबसे बड़ा छल है रोग बार बार वापस आएगा ! आग को जितनी बार छुएंगे हर बार हाथ जलेगा सभी तथाकथित बैध आयुर्वेदाचार्यों से सुनता हूं मेरी मेरी दवाओं से बिल्कुल ठीक हो जाओगे रोग वापस नहीं आएगा ये सबसे बड़ा फरेब है रोग आपके गलत खानपान अनुचित आचरण और खराब जीवनशैली की वजह से आपके शरीर में आता है जितनी बार रोग का माहौल शरीर में बनेगा उतनी बार रोग लौटेगा सुपाच्य सादा भोजन उचित व्यायाम उचित नींद और ध्यान के द्वारा हमेशा स्वस्थ रहा जा सकता है यदि कोई रोग आता है उससे औषधियों की शक्ति और अपनी निष्ठा नियमित जीवनशैली से पार पा सकते हैं अन्यथा बार बार कष्ट भोगना पड़ता है जितनी बार नियम टूटेंगे उतनी बार दंड देगी प्रकृति अनेक लोगों को कहते सुना है आयुर्वेद का कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता होम्योपैथी का कोई दुष्प्रभाव नहीं ! अधिक मात्रा में और गलत समय पर लिया गया भोजन और जल भी गंभीर रोग दे सकते हैं ! चिकित्सक को ज्ञात होना चाहिए कि रोगी का रोग मूल अवस्था क्या है अन्यथा आयुर्वेद और होमियोपैथी भी गंभीर दुष्प्रभाव दे सकते हैं ! पांचों तत्वों और त्रिदोष की न्युनता अधिकता अवश्य जांचनी होगी कौन शरीर में बलवान है कौन क्षीण कौन शांत कौन कुपित सोच समझकर ही उपचार संभव है औषधियों के रट्टे से अधिक महत्वपूर्ण है जांच परख औषधि चयन करना और नियमित जीवनशैली व्यायाम और परहेज के विषय में जागरूकता Share this… Facebook Whatsapp Messenger Twitter Linkedin Threads Telegram Email Copy