November 10, 2025 जैसे बिजली तो एक ही है उसी से पंखा भी चलता है हीटर भी चलता है प्रेस भी उसी से फ्रिज भी उसी मोबाइल भी चार्जिंग होती है उसी से बिजली के बल्ब जला कर प्रकाश भी किया जाता है।यही हाल मंत्रों का भी है। समस्त देवताओं से षट्कर्म ताड़न और शांति तथा पुष्टि कर्म भी किए जाते हैं।कैसे करना है इसी के लिए गुरु के पास सालों साल सेवा करनी पड़ती है तब जा कर उनकी इच्छा हुई तो कोई एकाध प्रयोग बता दिया नहीं तो तुम योग्य नहीं हो।वैसे तो मैने कई तांत्रिकों को ॐ नमो शिवाय मंत्र से ही सारे कार्य करते देखा है लेकिन ये बिल्कुल गलत है क्योंकि इष्ट हमारी शक्ति का आधार है काम हमेशा ही इष्ट के अंग देवताओं से ही लिया जाता है जैसे कि भैरव । कोई वीर आदि। हमारे हिमाचल के कांगड़ा जनपद में ज्यादातर तांत्रिक नारसिंह बाबा पहाड़िया से ही काम लेते हैं लेकिन मंदिर दुर्गा गुगा जाहर वीर काली बाबा बालकनाथ के बने होते हैं । काला भैरों कपले केश कानो कुंडल भागो भेष हत्थ बराड़ा कुंद बड़ा जहां सिमरूँ वहां हाजिर खड़ा । मेरा काम करें न करे तो माता काली की दुहाई गुर गोरख की आन। इस मंत्र की 41 दिन में 125 माला जप करके इसे सिद्ध कर लें। घर मंदिर चौराहे जंगल नदी किनारे श्मशान पहाड़ की चोटी पर कहीं भी इसकी सिद्धि की जा सकती है।जल धूप दीप सिंदूर लौंग इलायची एक छुरी सामने रखें ।घी का दिया जलाकर करना चाहिए |फिर शब्द भेद से इससे सभी काम होते हैं काम तभी होंगे जब आपके पास यथोचित शक्ति होगी।जय भवानी जय महाकाल द्वारा : आदरणीय पंडित जी Share this… Facebook Whatsapp Messenger Twitter Linkedin Threads Telegram Email Copy