तंत्र साधना सामान्य वैदिक, दक्षिणमार्गी या योग साधना से बिल्कुल अलग दिशा में कार्य करती है। यह मार्ग शरीर को ही अस्त्र बनाकर उसकी ऊर्जा को नियंत्रित और उपयोग करता है।तंत्र में वाममार्ग, कुंडलिनी जागरण और विशेष रूप से भैरवी विद्या महत्वपूर्ण स्थान रखती है—हालाँकि यह मार्ग अक्सर विवादास्पद माना जाता है, लेकिन इसके सूत्र…

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