मूठ चलाने का मंत्र ग्रहण काल में पहले इसका 31 माला जाप करें.गूगल जलती रहेगी सरसों के तेल का दीपक जलेगा.वस्त्र लाल रखते हैं। ग्रहण के अगले दिन मीठा रोड बनाकर हनुमान जी को चढ़ाए। अभिमंत्रित उड़द का प्रयोग इसमें करना है. मुठ फेंकने की उड़द बनाने की विधि यह होती है कि नवरात्रि में शमशान घाट के अंदर…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
शत्रु वशकरण प्रथम ये ग्रहण मे 21 माला जाप करणा है.हनुमान विषयक नियमों का ध्यान रखकर. किसी भी मंगलवार से यह साधन प्रारंभ करना चाहिए। यह प्रयोग हनुमान मन्दिर में किए जाने पर अधिक कारगर रहता है।पवनसुत हनुमान जी का सिन्दूर आदि से पूजन कर मंगलवार से सोमवार तकअर्थात् सात दिन, प्रतिदिन एक माला के जप से…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
अधिकारी वशीकरण का सिंदूर तिलक यद्यपि बेताल को भोगरूप में माँस-मछली प्रिय है तथापि यह देव दालभात से भी संतुष्ट हो जाता है। जो लोग शाकाहारी है और माँस-मछली का स्पर्श भी पाप समझते हैं वे दालभात का उपयोग बेतालभोग के लिए कर सकते हैं।यह मन्त्र सूर्य-चन्द्रग्रहण काल में शीघ्र जाग्रत होता है। किसी एकान्त स्थान में (घर के एकान्त…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
सुवर्ण भैरव इस मंत्र का प्रतिदिन 21 माला जाप करना होता है सुबह या रात्रि के समय आप कर सकते हैं रात्रि काल में किया हुआ जाप ज्यादा फलदाई होता है |संख्या : कम से कम 21 माला रोजमाला : रुद्राक्ष की.समय: रात्रि काल मे या सुबह ब्रह्म मुहूर्त मे.वस्त्र :पीले कलर के रहेंगेआसन : पीला ऊनी…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
मनसाराम अघोरी की साधना अघोरी मनसाराम साधना साधक के जीवन को नई दिशा देती है। Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
गजब है ये मोहिनी शक्ति यह देवी वर्ग की एक अत्यंत गुप्त, प्रचंड और आकाशगामी शक्ति हैं। इनका वास स्वयं आकाश में होता है और इनका भोग भी वहीं अर्पित किया जाता है। Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
ख्वाजा जिंदा पीर की साधना एवं दर्शन प्राप्ति विधि यह साधना उन साधकों के लिए है जो सच्चे मन से ख्वाजा जिंदा पीर का दर्शन करना चाहते हैं और उनके आशीर्वाद से रूहानी इल्म, मानसिक शक्ति, और जीवन में बरकत प्राप्त करना चाहते हैं। यह साधना पूरी श्रद्धा, पवित्रता और नियम से करने पर साक्षात दर्शन तक का अनुभव देती है।इस साधना की शुरुआत “नौचंदी रविवार” से करनी होती है Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
नगर खेड़े बाबा की साधना एवं सिद्धि प्रयोग सभी साधकजनों और विद्वान आत्माओं को मेरा सादर प्रणाम। यह साधना नगर खेड़े बाबा की है — जिन्हें विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है: उत्तर प्रदेश में डीह बाबा, हरियाणा और राजस्थान में भोमिया बाबा, पंजाब में नगर खेड़ा, और दक्षिण भारत में ग्राम देवता के नाम से प्रसिद्ध हैं। ये देवता भैरव स्वरूप, रूद्रावतार, और क्षेत्रपाल देवता माने जाते हैं। इनकी अनुमति के बिना किसी भी शक्ति का प्रवेश उस क्षेत्र में संभव नहीं होता। नगर खेड़े महाराज की साधना भूत-प्रेत बाधा निवारण, रूहानी सुरक्षा, और तांत्रिक सिद्धि का प्र.... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
ख्वाजा साहब जिंदा पीर की साधना नमस्कार दोस्तों,आज एक बार फिर मैं उपस्थित हुआ हूँ काले इल्म के अंतर्गत आने वाली ख्वाजा साहब जिंदा पीर की साधना के सिद्ध कलाम को लेकर। यह कलाम अत्यंत प्रभावशाली है — इसे “एक कलाम सौ काम” कहा जाता है। इससे जीवन के अनेक कार्य सिद्ध किए जा सकते हैं — चाहे व्यापार ठप हो, नौकरी अटकी हो, विवाह में बाधा हो, या कोई अदृश्य रूहानी बंदिश हो — यह कलाम उन सबका समाधान करता है। Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
अस्तबली पीर बाबा साधना अस्तबली पीर बाबा की साधना एक अत्यंत रहस्यमयी और चमत्कारी कलाम मानी जाती है। यह साधना केवल उन्हीं को दी जाती है जिनमें दृढ़ श्रद्धा, संयम और पूर्ण निष्ठा हो। Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here