November 25, 2025 जमीन के धन के विषय में आजकल काफी संख्या में लोग लगे रहते है |दफीने का काम या जमीनी धन का काम अनेको लोगो के लिए जानलेवा ही साबित होता है क्योंकि एसे स्थानों पर उस धन का जिम्मा किसी बड़ी शक्ति के हिस्से होता है “जैसे पहले आज की तरह बैंक लोकर आदि नही होते थे और लोगो के सामने समस्या होती थी कि सोना चांदी आदि कहाँ रखे ,पहले नगदी ज्यादा नही होता था जो कुछ था बस सोना चांदी ही था |ऐसे में लोग अपना धन पोटली में बाँधकर किसी धातु के घड़े मटके ,मिटटी के मटके में डालकर जमीन में गाड देते थे | अब कुछ कई लोग उस धन का प्रयोग ही जीवन में नही करते थे और धन के मालिक की मृत्यु के बाद वो धन अज्ञात जगह बनकर जमीन में ही रह जाता था |लिहाजा उस धन का जिम्मा कुबेर के अंग शक्तियों के पास आ जाता है और अधिकतर जगहों पर कुबेर के यक्षो की ,य्क्षिनियो की कही कही प्रेत की चौकी आ जाती है |अब वो शक्तियाँ फ्रंट में प्रत्यक्ष भौतिक एक रूप का चयन करती है वहां सामने से लड़ने की जिम्मेदारी आती है नाग शक्ति की |और इसमें शक्तियों के साथ पाताल भैरवी का आशीर्वाद रहता है | इसलिए जब कोई निकालने की कोशिश करते हैं तो सीधे शक्तियाँ अटैक करती है ,कई जगह महाकाल की,नाग जोड़ो की चौकी बैठाये हुए मिलती है ऐसे में ये कार्य तब मिलता है जब या तो धन २०० वर्ष के आसपास से ज्यादा पुराना है या फिर कई साधक होते थे पहले जो ये सुरक्षा के लिए थोड़े धन के बदले में ये कार्य करते थे ,लोग उनसे धन गाडकर चौकी लगा देते थे |एसे में इस तरह की चौकी तोड़ने में कई प्रचंड साधको की जान तक चल जाती है | Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content. Join Now Already a member? Log in here