कई बार हमारे दुश्मन हमारे घर के अंदर या घर के बाहर कोई वस्तु अभिमंत्रित करके जमीन के अंदर गाड़ देते हैं जिसे ढूंढना असम्भब की हद तक कठिन होता है । जब तक वह वस्तु पूरी तरह गल सड़ कर खत्म नहीं होती है तब तक उसका असर पूरी तरह खत्म नहीं होता है।
बैसे तो उसे निष्क्रिय करने के लिए भी काट की जाती है।कई बार काट करने पर काफी हद तक सफलता भी मिलती है लेकिन कई बार बिल्कुल भी लाभ नहीं होता है।
इस मंन्त्र का सवा लाख जप करने से ये सिद्ध हो जाता है फिर इसका दशांश हवन तर्पण मार्जन ब्राह्मण भोजन करबा लिए जाए तो ये पूरी तरह ऐक्टिब हो जाता है।
1 इस मंन्त्र द्वारा जल अभिमंत्रित करके छिड़का जाता है।
2 इस मंन्त्र द्वारा बिभूति बना कर दी जाती है।
3 इस मंन्त्र द्वारा अभिमंत्रित करके चावल पीडित को दिए जाते हैं
4 इस मंन्त्र से अभिमंत्रित करके धूनी घर में प्रयोग करने के लिए दी जाती है
5 एक घड़े में पानी भर कर घर की सीमा के अंदर जमीन के अंदर गाड़ दिया जाता है।
अगर साधक स्वयं वहां पर 12500 जप करे तो अभिमंत्रित वस्तु स्वतः ही घड़े के अंदर आ जाती है

Credit To : Sarswat ji