September 18, 2025 किसी भी साधना, अनुष्ठान या शुभ कार्य की शुरुआत गणपति पूजन के बिना अधूरी मानी जाती है। चाहे आप सात्विक साधना कर रहे हों, तामसिक साधना कर रहे हों, अघोर क्रिया कर रहे हों या श्मशान साधना – हर मार्ग पर प्रथम पूज्य भगवान गणेश ही हैं। वे विघ्नहर्ता हैं, इसलिए किसी भी आध्यात्मिक या लौकिक कार्य में सफलता पाने के लिए उनका आह्वान करना आवश्यक है।चाहे विवाह का शुभ कार्य हो, नया घर बनाना हो, गृह प्रवेश करना हो या जीवन में कोई बड़ा निर्णय लेना हो – गणेश पूजन से मार्ग में आने वाली सभी बाधाएँ दूर होती हैं।आज मैं साधक मित्रों को एक अत्यंत शक्तिशाली और तीव्र गणेश मंत्र बताने जा रहा हूँ। यह वही मंत्र है जिसकी साधना नवनाथ सिद्धों और महान योगियों ने की थी। शास्त्रों के अनुसार इस मंत्र के रचयिता स्वयं गुरु गोरखनाथ माने जाते हैं।आने वाले भाग में हम विस्तार से समझेंगे कि इस गणेश मंत्र की साधना किस प्रकार करें, इसकी विधि क्या है, और इस मंत्र से सिद्धि प्राप्त करने का रहस्य क्या है। गणेश मंत्र की सिद्धि विधि | गणेश साधना अत्यंत प्राचीन परंपरा है, और यदि इसे पूरे नियम और श्रद्धा से किया जाए तो बहुत शीघ्र फल देती है।मेरे गुरुजनों और मैंने जिस विधि से इस मंत्र की साधना की है, वही परंपरागत और सिद्ध मार्ग आज आपके साथ साझा कर रहा हूँ ताकि आपको भी गणेशजी की कृपा शीघ्र प्राप्त हो सके। 🔸 साधना प्रारंभ का दिन:मंगलवार से साधना की शुरुआत करना अत्यंत शुभ माना जाता है। 🔸जाप विधि:रुद्राक्ष की माला से प्रतिदिन प्रातः और सायं — दो बार मंत्र का एक-एक माला जाप करें।जाप करते समय अपने सामने गो-बर का उपला (कंडा) प्रज्वलित करें, उस पर थोड़ा गुग्गुल अर्पित करें और उसकी सुगंधित धूनी में बैठकर मंत्र जाप करें। 🔸 अनिवार्य नियम:पूरे ११ दिनों तक मन, वचन और आचरण से पवित्र रहें।ब्रह्मचर्य का पालन साधना का महत्वपूर्ण अंग है।श्रद्धा, विश्वास और पूर्ण एकाग्रता से मंत्र का उच्चारण करें। 🔸 अंतिम दिन का विशेष विधान:११वें दिन साधना पूर्ण होने पर संक्षिप्त हवन करें।यदि संभव हो तो दशांश हवन करना अत्यंत उत्तम माना जाता है। ऐसे करने से साधक पर गणपति बप्पा की विशेष कृपा होती है, सभी बाधाएँ दूर होती हैं और जीवन में सफलता का मार्ग खुल जाता है। मंत्र जगत में प्रथम काम कर्म गणेश जी का होवें जगत बाँट बाँट कर खावें |लक्ष्मी जी भी हाथ बटवायें नर नारी धन बाँट बाँट कर खावें|घर जाकर जाकर गणेश जी यन्त्र बटवायें।जगत को दे वरदान गणेश जी जाओ जगत के नर नारियों लक्ष्मी को मनवाओ | सभी नर नारी पूजा करने चली बीच में मिल गई लक्ष्मी माई कहने लगी मेरे भगतों में आई तुम्हारे घर में ,गणेश जी यन्त्र दिया नर नारियों लक्ष्मी ने दिया आशीर्वाद पूर्ण हो आस नर नारी हो। Share this… Facebook Whatsapp Messenger Twitter Linkedin Threads Telegram Email Copy