ग्रहण मे मात्र 9 माला मे सिद्ध होगा, आसन दिशा का कोई फेर नहीं इसमें.

चार कीलें लेकर प्रत्येक पर 51 बार मंत्र पढ़कर अभिमंत्रित करे।
चारों कोनों में कील गाड़ देवे
प्रेत कभी घर के नहीं आएंगे।
पहले से तंत्र काट करके अंदर कुछ है तो भगा देवे अन्यथा अंदर वाला बाहर भी ना जा पायेगा.
क्योंकि इससे आग का घेरा बनता है.

घर बांधो कक्ष बाँधो बांधो घर के द्वार
सोलहों डाकिनी बाँधों, बांधों- लोहे का हार.
थाग थाकणे
बेटी योगिनी मेरा बांधों परो,लंरी सहचरी जन भाव
चौकों बांधों दुहाई महादेव गोरा पार्वती की।