कौंधरा:- हड्डियों की कमजोरी न्यूरो-डीजनरेटिव रोग असमय झड़ते सफेद होते बाल , खून की कमी , सांस फूलना तथा कमजोर दृष्टि के लिए महा औषधि है कौंधरा

डॉ .जयबीर सिंह

कौंधरा यानि डिगेरा म्यूरीकाटा अमरैंथेस परिवार से संबंधित फूल वाले पौधे की एक ही प्रजाति है। यह डिगेरा प्रजाति की एकमात्र प्रजाति है जिसमें चौलाई वाले सभी गुणों के साथ अनेक औषधीय तत्व फाइटोकेमिकल्स एंटीऑक्सिडेंट मिनरल्स आयरन विटामिन्स तथा फ्लेवोनोइड्स, एल्कलॉइड्स, टेरपेनोइड्स, सैपोनिन्स, कौमारिन्स, टैनिन्स, कार्डियक ग्लाइकोसाइड्स और एंथ्राक्विनोन्स पाये जाते हैं जो इसे एक अचूक औषधि बनाते हैं

यह एक लोकप्रिय पत्तेदार सब्जी है जो पालक की तरह पकाई जाती है। यह एक वार्षिक जड़ी बूटी है जो 60-80 सेंटीमीटर तक बढ़ सकती है, और इसका तना सीधा और हल्का हरा होता है। पत्तियों का आकार अंडाकार आगे से नुकीले होते हैं और फूल बीज सफेद गुलाबी रंग के होते हैं

कौंधरा हरी पत्तेदार सब्जी है, जो कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसमें विटामिन ए, सी, के, बी, और ई, साथ ही आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, और जिंक जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके अतिरिक्त, यह प्रोटीन, फाइबर, और फाइटोन्यूट्रिएंट्स फाइटोकेमिकल्स एंटीऑक्सीडेंट का भी एक अच्छा स्रोत है

कौंधरा में प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जैसे कि फ्लेवोनोइड्स, पिगमेंट्स, फेनोलिक्स, कैरोटीनॉयड और विटामिन सी । ये प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट व फाइटोकेमिकल्स कई बीमारियों से बचाव करते हैं, जैसे कि हृदय संबंधी रोग, कैंसर, मोतियाबिंद, एथेरोस्क्लेरोसिस, रेटिनोपैथी, गठिया, वातस्फीति और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग आदि !

कौंधरे की पत्तियाँ उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं जो पोषक तत्वों से भरपूर, कम कैलोरी वाला भोजन चाहते हैं। इन पत्तियों के सिर्फ़ 100 ग्राम में केवल 371 कैलोरी होती हैं, नगण्य वसा और कोई कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है, जो उन्हें उन व्यक्तियों के लिए आदर्श बनाता है जो अपना वजन प्रबंधित करना या घटाना चाहते हैं ! कौंधरा बीज व पत्ते जो प्रोटीन की मात्रा में ओट्स से भी आगे हैं। पौधे के स्रोतों से प्रोटीन प्राप्त करना अक्सर पशु-आधारित प्रोटीन से एक स्वस्थ विकल्प है, क्योंकि इसमें आमतौर पर वसा और कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है। कौंधरे के पत्तों में उच्च प्रोटीन होता है भूख को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ इंसुलिन के स्तर को कम करके और तृप्ति को बढ़ावा देकर परिपूर्णता तृप्ति का अहसास देते हैं , जो उन लोगों के लिए फायदेमंद होता है जो अपना वजन प्रबंधित करना चाहते हैं या कुल कैलोरी सेवन कम करना चाहते हैं

कैलोरी में कम होने के अलावा कौंधरे की पत्तियाँ घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर से भरपूर होती हैं, जो पाचनतंत्र स्वास्थ्य का प्रबंधन और शुद्धि करती हैं और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। इन पत्तियों में फाइबर और प्रोटीन का संयोजन भोजन व पोषण तृप्ति को बढ़ावा देता है, भूख को कम करता है और स्वस्थ वजन प्रबंधन में योगदान देता है। ये गुण पौधे के पत्तों को संतुलित, हृदय स्वास्थ्य के लिए के लिए एक मूल्यवान आहार बनाते हैं।

इस पौधे की पत्तियों में पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। संतुलित सेलुलर द्रव वातावरण बनाए रखने के लिए पोटैशियम आवश्यक है। यह मानव शरीर में हृदय गति को भी नियंत्रित करता है ।

कौंधरे के पत्ते आयरन का एक मूल्यवान स्रोत हैं, जो लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन और सेलुलर चयापचय का प्रबंधन करने के लिए आवश्यक एक महत्वपूर्ण खनिज है। कौंधरे जैसे पौधे-आधारित स्रोतों से आयरन के अवशोषण को बढ़ाने के लिए, उन्हें विटामिन सी के स्रोत के साथ सेवन करना चाहिए जो शरीर में आयरन के अवशोषण को अधिकतम करने में मदद करता है उदाहरण के लिए इसके पत्तों में नींबू का रस मिलाकर या इसके साग में नींबू डालकर या इसके 50 मिली स्वरस को एक गिलास संतरे के जूस के साथ मिलाकर खाने से आयरन के अवशोषण में काफी सुधार होता है और समग्र पोषण लाभ को बढ़ाने में मदद मिलती है ।

कौंधरे की पत्तियाँ बी विटामिन से भरपूर होती हैं, इनमें फोलेट, राइबोफ्लेविन, नियासिन और थायमिन शामिल हैं। वे नवजात शिशुओं में जन्म दोषों को रोकने में मदद करते हैं और इष्टतम मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं

कौंधरे के पौधे कैल्शियम से भरपूर होते हैं और इसलिए उन लोगों के लिए फायदेमंद होते हैं जिन्हें ऑस्टियोपोरोसिस और कैल्शियम की कमी से संबंधित अन्य हड्डी स्वास्थ्य समस्याएं ये अस्थियों के घनत्व को बढ़ाता है तथा अस्थि रोगों सूजन को कम करता है

इसकी पत्तियाँ विटामिन ए से भरपूर होती हैं और एक कप कौंधरे की पत्तियाँ आपकी विटामिन ए की दैनिक आवश्यकता का 97% पूरा कर देती ती हैं। वे बीटा-कैरोटीन, ज़ेक्सैंथिन और ल्यूटिन जैसे फ्लेवोनोइड पॉलीफेनोलिक एंटीऑक्सिडेंट से भी भरपूर हैं जो मुक्त कणों के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव के खिलाफ एक सुरक्षात्मक परत प्रदान करते हैं जो कैंसर हृदयरोग स्व प्रतिरोधी रोग की रोकथाम करते हैं और स्वस्थ त्वचा और उचित नेत्र दृष्टि और बढ़ती उम्र के प्रभाव रोधी बहुत शक्तिशाली गुण कौंधरे में पाए जाते हैं ।

सभी हरी पत्तेदार सब्जियों में कौंधरे के पत्तों में विटामिन K की मात्रा सबसे अधिक होती है। यह विटामिन हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है और रक्त के थक्के जमने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह ऑस्टियोब्लास्टिक गतिविधि को बढ़ावा देता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है। यह अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि यह मस्तिष्क में तंत्रिका क्षति को नियंत्रित करता है ।

नोट: इसे जूस स्वरस बनाकर या स्मूदी में डालकर या सूप बनाकर नियमित रूप से खाया जाना चाहिए एक मुठ्ठी भर कौंधरा रोज किसी भी रूप से ग्रहण करें