यह छोटा, शक्तिशाली और सरल मंत्र है। इस मंत्र के नियमित जप से जीवन में आने वाली आर्थिक बाधाएँ दूर होती हैं, कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। इस साधना से अचानक होने वाले खर्च रुकते हैं, धन की प्राप्ति होती है और जीवन में स्थिरता आती है। जो साधक बेरोजगार हों, उन्हें रोजगार मिलने की संभावना भी बढ़ती है।

                                               साधना विधि:

दिन और समय:
इस साधना को अमावस्या, सोमवार या शुक्रवार से प्रारंभ करें।
सुबह या रात्रि 10 बजे के बाद का समय श्रेष्ठ माना जाता है।

स्थान और आसन:
काले कपड़े का आसन बिछाकर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।
काली माता की तस्वीर या प्रतिमा सामने रखें।

जप विधि:
काले चंदन या रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जप करें।
जप के समय घी का दीपक जलाएं और काले तिल या नीले फूल अर्पित करें।

अवधि:
यह साधना कम से कम 21 दिन तक करें।
यदि संभव हो तो साधना के अंतिम दिन काली माता को मीठा भोग लगाएं (जैसे गुड़, खीर या मालपुआ)।

नियम:
पूरे साधना काल में ब्रह्मचर्य और सात्विक आहार का पालन करें।
मंत्र जप के समय मन को पूर्ण रूप से माता पर एकाग्र करें।

विशेष लाभ हेतु 49 बार पूर्वाभिमुख होकर जाप के बाद पुन : जप करना चाहिए |

काली कंकाली महा काली मुख सुन्दर जिये व्याली 4 वीर  भैंरू चौरासी बता तो पूजूं पान मिठाई अब बोलो काली की दुहाई ।