ग्रहण वाले दिन माला जाप घी का दीपक व गूगल धूनी जलाकर करे पूर्व मुख रहेगा.
पुरे ग्रहण जप करे.
फिर मंगलवार को प्रात:काल स्नानकर व्रत रखें काठ(लकड़ी) की गदा
सामने रखकर (आसन पर) पूर्व की ओर मुंह कर बैठे और
प्रार्थना कर मंत्र जप 108 बार करें।
फिर प्रतिदिन स्नानकर कम से कम । बार ये मंत्र जपे तंब व्यायाम करें
उससे विशेष बल प्राप्त होगा।

प्रार्थना – शंकर सुवन अंजनी पूत बलपति हनुमान
दया करो राम भक्त वीर बलवान
बल बना दो काया वज्र समान
तुम्हें राम की आन, तुम्हें सीता की आन । रहो सदा दाहिने, सतगुरु की है पुकार, दोहाई श्री कामाक्षा की, महिमा है अपार ।
ॐ श्री महावीराय नमः, ॐ श्री कामाक्षायै नमः
ॐ ह्रीं क्रीं श्रीं फट स्वाहा।