October 8, 2025 शनिदेव साधना शनिवार को की जाती है और यह साधक को शनिदेव की कृपा और संरक्षण प्रदान करती है।इस साधना में शनिदेव की उपस्थिति और कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष विधि अपनाई जाती है। साधना किसी भी शनिवार को रात 10 बजे से शुरू की जाती है।साधक नीले या काले रंग के कपड़े पहनें और नीले या काले रंग के आसन पर पश्चिम मुख होकर बैठें। साधना का विधि विधान: सामने शनिदेव का फोटो या तस्वीर स्थापित करें। पहले गुरू, ईस्ट, कुलदेव और सभी ग्रहों का पंचोपचार पूजन करें। फिर शनिदेव का अलग से आवाहन करें और उन्हें काले कपड़े पर बैठने का आसन दें। उनके पैर सरसो के तेल से धोएँ और एक अलग कटोरी में रखें। पूजन में नीले या काले रंग के फूल चढ़ाएँ। सरसो के तेल का दीपक जलाएँ। नीले या काले रंग की मिठाई का भोग दें। रूद्राक्ष माला से 51 माला का जाप करें। जाप के बाद वही जमीन पर सो जाएँ। यह क्रिया लगातार 8 दिन तक करें।पूरा प्रत्यक्षीकरण और शनि की पूर्ण कृपा प्राप्त करने के लिए यह क्रिया 41 दिन तक लगातार करनी चाहिए। शनिदेव जी से दरसन होने पर केवल उनकी कृपा दृष्टि माँगे और कुछ अन्य नहीं। साधना का सारांश विषयविवरणदिनशनिवारदिन जाप8 या 41 दिनसमयरात 10 बजे सेवस्त्रकाले या नीलेआसनकाला या नीलामालारुद्राक्षजाप51 मालादिशापश्चिम मुखपूजनपंचोपचारकवच प्रयोगनहींपूजन (विशेष)गुरु, ईस्ट, कुलदेव, और शनिदेव (नित्य पूजन साधना से पहले)भोगकाली या नीले रंग की मिठाई मंत्र ॐ शं शनिष्चरायै नमः Share this… Facebook Whatsapp Messenger Twitter Linkedin Threads Telegram Email Copy