जब स्त्री बच्चे को जन्म देती है उस समय कई बार स्त्रियों के स्तन में गांठ जैसी बन जाती है स्तन लाल हो जाता है और स्त्री को असहय दर्द और बुखार होता है कई बार तो डॉक्टर उसे स्तन का कैंसर भी कह देते हैं जबकि उसका इलाज इस मन्त्र से आसांनी से हो जाता है प्रायः एक ही बार में ठीक हो जाता है ज्यादा तकलीफ हो तो तीन बार भी झाड़ना पड़ता है ।


इस मन्त्र का जप एक हजार बार करके सिद्ध कर लें ,सिद्ध करते समय एक लोटा जल रखें उतर मुख होकर बैठे कोई मीठा भोग लगाये भैरो बाबा का ,दीपक घी या सरसों तेल का ,गूगल धुप जलाए रात्रि को 8 बजे बाद बैठे |आसन वस्त्र का कोई दिक्कत नही फिर जिस तरफ स्त्री के स्तन में दर्द हो उससे उल्टी तरफ के अपने स्तन पर बिभूति से 5-7 बार मन्त्र पढ़ते हुए झाड़ें ।अमुकी की जगह उस स्त्री का नाम लें ।
एक अनुभव
ये आज से चालीस साल पहले की बात है किसी बुजुर्ग आदमी ने मुझे अपनी बहू के स्तन दर्द के बारे में कहा मैंने बिना बिभूति लिए ही अपने शरीर पर मन्त्र पढ़ कर झाड़ दिया वह स्त्री तो एक घण्टे में ठीक हो गई लेकिन मुझे छाती में भयंकर दर्द हो गया और तीन दिन बुखार रहा। इसलिये जब भी स्तन दर्द झाड़ें तो आराम से बैठ कर भगवान को याद करके उसके बाद बिभूति से झाड़ें।खड़े खड़े जल्दबाजी में न करें| कवच मन्त्र से पहले सुरक्षा भी लगा सकते है |

क्रेडिट : सारस्वत जी