Atibala medicinal plant with green leaves used in traditional Ayurveda

अतिबला : – सफेद दाग , गठिया ,कामोत्तेजना की कमी ,खूनी बादी बवासीर व आंतों में सूजन तथा जोड़ों के दर्द अंदरुनी व बाहरी घावों की महाऔषध ! ये झाड़ी नुमा पौधा भारत के गर्म भागों में खरपतवार के रूप में उग जाता है। पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में, इसके विभिन्न भागों जैसे जड़, पत्ते, फूल,… Read More


कोरोना के पश्चात हर एक का शरीर लगभग अम्लीय, एंटी आक्सीडेंट से खाली और जीवन शक्ति रहित है कारण साफ है शरीर का प्राकृतिक व्यवहार बदला है जीवन अंग कमजोर हैं फेफड़ों के कमजोर पड़ने से रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ रही है और किडनी कमजोर होने से एसिड और टाक्सिन दोनों सूरत घातक है… Read More


Santhi plant representing peace and spiritual balance in Tantra Dunia

कब्ज कोई बीमारी नहीं हमारे पाचन तंत्र को ओवरलोड कर क्षीण करने की अवस्था है जो देर रात खाने खूब चबाकर न खाने अधिक तलाभुना खाने गरिष्ठ भोजन से तथा अधिक मीठे और मैदे के भोजन करने से जाम हो गई आंतों की वजह से होता है ये पाचन तंत्र की स्थिलता और ओवरलोड है… Read More


कफ सीरप और एलोपैथिक जहर के बजाय बच्चों को सर्दी-खांसी-जुकाम-बुखार में ये शहद वाला अमृत बनाकर दें।कफ सीरप और एलोपैथिक दवाएं अति घातक हैं। जिन छोटे बच्चों को बार-बार बुखार, खांसी, जुकाम होता है या जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बहुत क्षीण है — उनके लिए यह मिश्रण अत्यंत लाभकारी है। सेवन विधि:दिन में दो से तीन… Read More


साधना में साधक के सामने सबसे बड़ा समस्या आता है शुक्र धातु का बचाव कैसे करे ,कई बार जब आप साधना करने बैठते है तो आपका वीर्य अपने आप निकलने की समस्या आती है क्योंकि साधना एक उर्जा जाग्रति का कर्म है और उर्जा वेग से शुक्र पिंघलकर गिरने लगता है |इसे साधक लोग ब्रह्मचर्य नाश ,शुक्र गिरना धात गिरना,तो कोई इसे नाईटफॉल कह देता है लेकिन असल में ये शुक्र धातु निकलता क्यों है ?

इसे लोग जिनका सप्त चक्र विकृत है या जिनका धातु प्रवृति बिगड़ा हुआ है इसे लोग इसके शिकार ज्यादा होता है फिर भले कफ बढ़ा हो या वात अथवा पित्त | जब आप जप करते है तो मूलाधार से एक उर्जा........

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