मुस्लिम साधना की पूजन-विधि यह साधना नियम मुस्लिम साधको के लिए है | मुस्लिम शक्तियों—जैसे पीर, फ़कीर, जिन्न और परियाँ—की साधना हिंदू प्रणाली से अलग नियमों पर आधारित होती है, इसलिए इनमें प्रवेश करने से पहले पवित्रता, शुद्ध वज़ू और मानसिक संयम का होना अनिवार्य है। साधक स्नान या वज़ू करके हरे आसन पर पश्चिममुख होकर बैठता है, सफ़ेद…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
दरूद शरीफ / आयतुल कुर्सी ये दो अमल मुस्लिम साधको के लिए है ,क्योंकि हमारे से कई बार मुस्लिम साधनाओ से जुड़े लोग भी अक्सर कहते है कि आप हमे कुछ अमल उपलब्ध करावे तो ये उनके लिए है | दरूद शरीफ | अल्लाह हुम्मा सल्ली अला मुहम्म्दिव व् अला आले मुहमद्दीन कमा सल्लयता अला इब्राहीमा व् अला आले इब्राहीमा… Read More
कमाल खां बाबा की साधना इस मन्त्र की जितनी प्रशंसा की जाए कम है ! बाबा कमाल खां जी का स्थान आगरा में है और यह बड़ी जल्दी प्रसन्न होते है ! जिनके विवाह में रुकावट आ रही हो उनके लिए यह मन्त्र संजीवनी बूटी का काम करता है ! इस मन्त्र का अनेको प्रकार से प्रयोग किया जाता है… Read More
हर तरह की बंदिश खोलने की अमल हर तरह की बंदिश खोलने की अमल वह खास तांत्रिक क्रिया है जो व्यक्ति के जीवन में लगी सभी प्रकार की रुकावटें—चाहे वे रोजगार की बंदिश हो, प्रेम में अड़चन, विवाह रुकावट, धन का ठहराव, दुश्मनों द्वारा लगाई मनोकामना-बंदी, नज़र–बंदी या गुरुबंदी—सबको एक ही प्रयोग से काट देती है। यह अमल उन प्राचीन रहस्यमयी प्रक्रियाओं में से एक है जिसका प्रयोग केवल वही साधक कर पाता है जो जप–संकल्प में दृढ़ और मन से निडर होता है। अमल के प्रभाव से साधक के चारों ओर फैली अदृश्य गांठें खुलने लगती हैं, रास्ते साफ होते जाते हैं और जिस जीवन में वर्षों से रुकावट थी, उसमें अचानक से गति, कामयाबी और नई ऊर्जा का प्रवेश होने लगता है। यह अमल गुप्त जगत की उन शक्तियों को सक्रिय करता है जो बाधाएँ पैदा करने वाली नकारात्मकता को काटकर व्यक्ति को उसके स्वाभाविक भाग्य-पथ पर लौटाती हैं। सही विधि, सही समय और सही संकल्प के साथ किया गया यह अमल—हर बंद दरवाज़े को खोलने वाली कुंजी बन जाता है। Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
ख्वाजा जिंदा पीर की साधना एवं दर्शन प्राप्ति विधि यह साधना उन साधकों के लिए है जो सच्चे मन से ख्वाजा जिंदा पीर का दर्शन करना चाहते हैं और उनके आशीर्वाद से रूहानी इल्म, मानसिक शक्ति, और जीवन में बरकत प्राप्त करना चाहते हैं। यह साधना पूरी श्रद्धा, पवित्रता और नियम से करने पर साक्षात दर्शन तक का अनुभव देती है।इस साधना की शुरुआत “नौचंदी रविवार” से करनी होती है Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
अस्तबली बाबा के मंत्र से झाड़ा कहते हैं कि जब कोई व्यक्ति किसी अदृश्य शक्ति, डर या अनजाने भय से पीड़ित होता है, तब अस्तबली बाबा के नाम से झाड़ा लगाने पर वह व्यक्ति राहत महसूस करता है और उसकी तकलीफ धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है। यह झाड़ा केवल एक साधारण प्रक्रिया नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और साधक की नीयत से जुड़ा हुआ कर्म है। जो भी साधक इस मंत्र को विधिपूर्वक करता है Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
मुस्लिम कड़ा (घेरा) लगाना ( मुस्लिम साधको के लिए) यह कड़ा या घेरा साधना के दौरान एक ढाल की तरह काम करता है — साधक की हिफ़ाज़त करता है और नुक़सान से बचाता है।जो भी कड़ा या रक्षा-मन्त्र लगाते हैं, उसकी जकात पहले निकाल लें। जकात किसी विद्वान गुरु या भरोसेमंद उस्ताद की मौजूदगी में दें। जकात देने के…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
ख्वाजा साहब जिंदा पीर की साधना नमस्कार दोस्तों,आज एक बार फिर मैं उपस्थित हुआ हूँ काले इल्म के अंतर्गत आने वाली ख्वाजा साहब जिंदा पीर की साधना के सिद्ध कलाम को लेकर। यह कलाम अत्यंत प्रभावशाली है — इसे “एक कलाम सौ काम” कहा जाता है। इससे जीवन के अनेक कार्य सिद्ध किए जा सकते हैं — चाहे व्यापार ठप हो, नौकरी अटकी हो, विवाह में बाधा हो, या कोई अदृश्य रूहानी बंदिश हो — यह कलाम उन सबका समाधान करता है। Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
अस्तबली पीर बाबा साधना अस्तबली पीर बाबा की साधना एक अत्यंत रहस्यमयी और चमत्कारी कलाम मानी जाती है। यह साधना केवल उन्हीं को दी जाती है जिनमें दृढ़ श्रद्धा, संयम और पूर्ण निष्ठा हो। Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here