राहु और केतु — कलियुग की दो चरम शक्तियाँ कलियुग में राजा राहु को माना गया है। राहु की विशेषता यह है कि उसकी इच्छाएँ असीमित होती हैं—ऐसी इच्छाएँ जो कभी पूरी नहीं हो सकतीं। यही अधूरी इच्छाएँ मनुष्य के जीवन में दुःख का मूल कारण बनती हैं।राहु का पेट कभी नहीं भरता, क्योंकि राहु का पेट होता ही नहीं—ऊर्जा का यह ग्रह केवल…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here