पित्त दोष और वीर्य पर उसका प्रभाव साधना में साधक के सामने सबसे बड़ा समस्या आता है शुक्र धातु का बचाव कैसे करे ,कई बार जब आप साधना करने बैठते है तो आपका वीर्य अपने आप निकलने की समस्या आती है क्योंकि साधना एक उर्जा जाग्रति का कर्म है और उर्जा वेग से शुक्र पिंघलकर गिरने लगता है |इसे साधक लोग ब्रह्मचर्य नाश ,शुक्र गिरना धात गिरना,तो कोई इसे नाईटफॉल कह देता है लेकिन असल में ये शुक्र धातु निकलता क्यों है ? इसे लोग जिनका सप्त चक्र विकृत है या जिनका धातु प्रवृति बिगड़ा हुआ है इसे लोग इसके शिकार ज्यादा होता है फिर भले कफ बढ़ा हो या वात अथवा पित्त | जब आप जप करते है तो मूलाधार से एक उर्जा........ Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here