कहते हैं कि जब कोई व्यक्ति किसी अदृश्य शक्ति, डर या अनजाने भय से पीड़ित होता है,
तब अस्तबली बाबा के नाम से झाड़ा लगाने पर वह व्यक्ति राहत महसूस करता है और उसकी तकलीफ धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है।

यह झाड़ा केवल एक साधारण प्रक्रिया नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और साधक की नीयत से जुड़ा हुआ कर्म है।
जो भी साधक इस मंत्र को विधिपूर्वक करता है

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मुख्य उपाय — सरल व असरदार Share this… Facebook Whatsapp Messenger Twitter Linkedin Threads Telegram Email Copy… Read More Share this... Facebook Whatsapp Messenger Twitter Linkedin Threads Telegram Email Copy...

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( मुस्लिम साधको के लिए) यह कड़ा या घेरा साधना के दौरान एक ढाल की तरह काम करता है — साधक की हिफ़ाज़त करता है और नुक़सान से बचाता है।जो भी कड़ा या रक्षा-मन्त्र लगाते हैं, उसकी जकात पहले निकाल लें। जकात किसी विद्वान गुरु या भरोसेमंद उस्ताद की मौजूदगी में दें। जकात देने के…...

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जीवन के सफर में कई बार ऐसे क्षण आते हैं, जब व्यक्ति को अनचाही बाधाओं और जटिल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। जब समस्याएँ चारों ओर से घेर लें, तब भी घबराने की आवश्यकता नहीं है — बस धैर्य रखें और इस सिद्ध टोटके का प्रयोग करें, आपको अवश्य ही लाभ प्राप्त होगा। इस…...

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रूसी तंत्र में "मंत्र" की परिभाषा भारतीय मंत्रों से अलग है। यहाँ मंत्र को Spell, Incantation, या Verbal Charm कहा जाता है, और ये अक्सर Slavic भाषा में बोले जाते हैं।
ये हजारों वर्षों पुराने लोक मन्त्र हैं, जिनका उपयोग अब भी ग्रामीण रूस, साइबेरिया और स्लाविक क्षेत्रों में किया जाता है। आज आपको विभिन्न कार्यों हेतु ये मंत्र दिए जा रहे हैं.......

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Kuldevi pooja performed with devotion following traditional family worship rituals

आज हर कोई व्यक्ति तंत्र में अपने आप को एक उच्च स्तर पर देखना चाहता है।वहीं दूसरी ओर अगर आम आदमी की बात करें, तो हर कोई तंत्र से पीड़ित भी है। मज़ेदार बात यह है कि आज के दौर में सबसे ज़्यादा पूजा-पाठ करने वाली पीढ़ी है — Gen Z यानी युवा पीढ़ी।फिर भी…...

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शाबर मन्त्र साधना अत्यंत प्रभावशाली, सरल और सर्वसुलभ साधना पद्धति है। यह किसी भी जाति, वर्ण, आयु, लिंग या धर्म के व्यक्ति द्वारा की जा सकती है। शाबर मन्त्रों के प्रवर्तक स्वयं सिद्ध-साधक रहे हैं, इसीलिए इनकी साधना में गुरु की अनिवार्यता नहीं होती, परंतु यदि कोई अनुभवी और निष्ठावान गुरु मार्गदर्शन करे तो साधना में आने वाले विक्षेपों से सुरक्षा प्राप्त होती है। साधना के समय साधक को किसी भी रंग की धुली हुई धोती पहननी चाहिए और किसी भी रंग का कम्बल आसन के रूप में उपयोग कर सकता है। दीपक के रूप में घी या मीठे तेल का दीपक जलाकर रखना चाहिए, जब तक मन्त्र-जप चलता रहे। धूप या अगरबत्ती में किसी भी प्रकार का प्रयोग किया जा सकता है, किंतु गूग्गूल और लोबान की धूप विशेष रूप से प्रभावी मानी गई है। दिशा का कोई स्पष्ट उल्लेख न हो तो साधक को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके साधना …….… Read More


सभी साधकजनों और विद्वान आत्माओं को मेरा सादर प्रणाम।

यह साधना नगर खेड़े बाबा की है — जिन्हें विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है:

उत्तर प्रदेश में डीह बाबा,

हरियाणा और राजस्थान में भोमिया बाबा,

पंजाब में नगर खेड़ा,

और दक्षिण भारत में ग्राम देवता के नाम से प्रसिद्ध हैं।

ये देवता भैरव स्वरूप, रूद्रावतार, और क्षेत्रपाल देवता माने जाते हैं।
इनकी अनुमति के बिना किसी भी शक्ति का प्रवेश उस क्षेत्र में संभव नहीं होता।
नगर खेड़े महाराज की साधना भूत-प्रेत बाधा निवारण, रूहानी सुरक्षा, और तांत्रिक सिद्धि का प्र....

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