शाबर मन्त्र साधना अत्यंत प्रभावशाली, सरल और सर्वसुलभ साधना पद्धति है। यह किसी भी जाति, वर्ण, आयु, लिंग या धर्म के व्यक्ति द्वारा की जा सकती है। शाबर मन्त्रों के प्रवर्तक स्वयं सिद्ध-साधक रहे हैं, इसीलिए इनकी साधना में गुरु की अनिवार्यता नहीं होती, परंतु यदि कोई अनुभवी और निष्ठावान गुरु मार्गदर्शन करे तो साधना में आने वाले विक्षेपों से सुरक्षा प्राप्त होती है। साधना के समय साधक को किसी भी रंग की धुली हुई धोती पहननी चाहिए और किसी भी रंग का कम्बल आसन के रूप में उपयोग कर सकता है। दीपक के रूप में घी या मीठे तेल का दीपक जलाकर रखना चाहिए, जब तक मन्त्र-जप चलता रहे। धूप या अगरबत्ती में किसी भी प्रकार का प्रयोग किया जा सकता है, किंतु गूग्गूल और लोबान की धूप विशेष रूप से प्रभावी मानी गई है। दिशा का कोई स्पष्ट उल्लेख न हो तो साधक को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके साधना …….… Read More


सभी साधकजनों और विद्वान आत्माओं को मेरा सादर प्रणाम।

यह साधना नगर खेड़े बाबा की है — जिन्हें विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है:

उत्तर प्रदेश में डीह बाबा,

हरियाणा और राजस्थान में भोमिया बाबा,

पंजाब में नगर खेड़ा,

और दक्षिण भारत में ग्राम देवता के नाम से प्रसिद्ध हैं।

ये देवता भैरव स्वरूप, रूद्रावतार, और क्षेत्रपाल देवता माने जाते हैं।
इनकी अनुमति के बिना किसी भी शक्ति का प्रवेश उस क्षेत्र में संभव नहीं होता।
नगर खेड़े महाराज की साधना भूत-प्रेत बाधा निवारण, रूहानी सुरक्षा, और तांत्रिक सिद्धि का प्र....

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नमस्कार दोस्तों,आज एक बार फिर मैं उपस्थित हुआ हूँ काले इल्म के अंतर्गत आने वाली ख्वाजा साहब जिंदा पीर की साधना के सिद्ध कलाम को लेकर।
यह कलाम अत्यंत प्रभावशाली है — इसे “एक कलाम सौ काम” कहा जाता है।
इससे जीवन के अनेक कार्य सिद्ध किए जा सकते हैं — चाहे व्यापार ठप हो, नौकरी अटकी हो, विवाह में बाधा हो, या कोई अदृश्य रूहानी बंदिश हो — यह कलाम उन सबका समाधान करता है।

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अस्तबली पीर बाबा की साधना एक अत्यंत रहस्यमयी और चमत्कारी कलाम मानी जाती है।
यह साधना केवल उन्हीं को दी जाती है जिनमें दृढ़ श्रद्धा, संयम और पूर्ण निष्ठा हो।

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✨ परिचय: कामेच्छी अप्सरा एक अत्यंत आकर्षण और काम-प्रधान शक्ति है।यह अप्सरा केवल एक रात की साधना से साधक के सामने प्रकट होकर संबंध स्थापित करती है।वह अपने वस्त्र और आभूषण वहीं छोड़कर चली जाती है, जिससे साधक को न केवल काम-सिद्धि, बल्कि धन-लाभ भी प्राप्त होता है। इसकी काम-इच्छा असीम होती है, इसी कारण…...

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महाकाल भैरव कार्यसिद्धि साधना एक प्राचीन परंपरा है, जिसे साधक किसी भी उचित, सकारात्मक और नैतिक कार्य की सफलता के लिए प्रयोग कर सकते हैं। यह साधना आपके ध्यान‑साधना, मन‑एकाग्रता और सकारात्मक मानसिक ऊर्जा को मजबूत करने के लिए है। साधक को हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि साधना का उद्देश्य नैतिक और वैध कार्य होना ...

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कई साधको की मॉग पर एक वशीकरण मंत्र दे रहा हू लेकिन इसका दुरूपयोग मत करना बहुत जरूरत होने पर ही प्रयोग करना और किसी अन्य व्यक्ति को तो हरगिज नही बतानावशीकरण का काम करने से पहले ये जान लेना भी जरूरी होता हैकि सामने वाले की क्या हेसियत हैउसके पास किसी पीर फकीर देव या…...

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विवरण लोककथाओं में चुड़ैलें उन आत्माओं के रूप में वर्णित होती हैं जिनका मरना असामान्य या दुखद तरीके से हुआ हो। परंपरागत कथाओं में उनकी स्वभाविक विशेषताएँ, अनुरोध और आचरण भिन्न‑भिन्न होते हैं। यहाँ प्रस्तुत साधना पारम्परिक रूपक और लोक‑श्रद्धा के अनुरूप है तथा इसे केवल प्रतीकात्मक/धार्मिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। यह साधना आत्म‑सुरक्षा,…...

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मुखबिर जिन्न परम्परागत कथा‑परंपरा में वे जिन्न माने जाते हैं जो सूचनाएँ लाते हैं — घटनाओं, स्थानों या व्यक्तियों के विषय में संकेत दे सकते हैं। लोककथाओं में इन्हें सच्चाई बोलने वाला, रहस्यमयी और विश्वसनीय बताया गया है। यह पाठ सांस्कृतिक‑ऐतिहासिक और धार्मिक संदर्भ में समझने और ध्यान/सपने के माध्यम से अन्तर्ज्ञान बढ़ाने के उद्देश्य…...

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Membership Required You must be a member to access this content. View Membership Levels Already a member? Log in here सारांश तालिका विषय विवरण दिन शनिवार या अमावस्या दिन जाप 7 दिन (लगातार) समय रात्रि 10 बजे के बाद वस्त्र लाल या सफेद आसन लाल या सफेद माला रुद्राक्ष जाप 5 माला प्रतिदिन (प्रारम्भिक) —…...

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