साधना/क्रिया विधान सारांश तालिका विषय विवरण दिन पितृपक्ष के 15 दिन समय सुबह 4 बजे वस्त्र सफेद (साफ और पवित्र) आसन सफेद भोग खीर, पूड़ी, सब्ज़ी, पानी दिशा दक्षिण मुख पूजन पितरों का आवाहन (मानसिक) कवच प्रयोग नहीं विशेष ध्यान मानसिक प्रार्थना और श्रद्धा बनाए रखें सावधानी / नियम Share this… Facebook Whatsapp Messenger Twitter… Read More


पित्र दर्शन हेतु साधना एक महत्वपूर्ण और गूढ़ आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से साधक अपने पूर्वजों (पितरों) की आत्मा की शांति, आशीर्वाद और दर्शन की प्राप्ति कर सकता है। हिन्दू धर्म में पित्रों का अत्यंत सम्मान होता है और उनकी संतुष्टि से परिवार में सुख, समृद्धि और शांति आती है।पितृपक्ष में पितरों की कृपा…...

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मंजुघोष साधना एक अत्यंत दुर्लभ, प्रभावशाली और दिव्य साधना है। यह साधना अनेक विधियों द्वारा की जाती है, और हर विधि अपने आप में विशिष्ट और रहस्यमयी है। प्रत्येक विधि एक नई अनुभूति, एक नई ऊर्जा और एक अलग प्रकार की सिद्धि प्रदान करने वाली होती है।मंजुघोष भगवान शिव का दूसरा रूप माना जाता है।…...

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क्या है “थर्ड आई” या “आज्ञा चक्र”? यह साधना दिव्य दृष्टि जाग्रत करने के लिए की जाती है। साधना मंगलवार की रात 10 बजे से अंधेरे कमरे में पूर्व मुख होकर की जाती है। साधना का विधि विधान: जाप के दौरान अनुभव हो सकते हैं, डरें नहीं। दीपक की लौ पर ध्यान केंद्रित रखें। साधना…...

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शनिदेव साधना शनिवार को की जाती है और यह साधक को शनिदेव की कृपा और संरक्षण प्रदान करती है।इस साधना में शनिदेव की उपस्थिति और कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष विधि अपनाई जाती है। साधना किसी भी शनिवार को रात 10 बजे से शुरू की जाती है।साधक नीले या काले रंग के कपड़े पहनें… Read More


गन्धर्व कन्या, अप्सरा और यक्षणी की तरह ही अत्यंत सुन्दर होती है और अपने साधक की इच्छाएँ पूर्ण करती है।गंधर्व कन्या एक दिव्य अप्सरा या स्वर्गीय कन्या मानी जाती है, जो संगीत, सौंदर्य, आकर्षण, प्रेम और कला की अधिष्ठात्री होती है। यह साधना मुख्य रूप से उन साधकों द्वारा की जाती है जो: दिव्य स्त्री…...

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बुलाकी वीर को बुलाकी मसान भी कहा जाता है। वीर बुलाकी को एक शक्तिशाली और उग्र देवता के रूप में जाना जाता है, जो विशेष रूप से तांत्रिक साधना पद्धति से जुड़े माने जाते हैं। इन्हें कुछ जातीय समूहों में कुलदेवता या रक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है। यह साधना विशेष रूप से…...

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यह साधना “पांच बावरी” (Panch Bawri) साधना प्रणाली से संबंधित मानी जाती है। “पांच बावरी” में ये नाम शामिल हैं: सबल सिंह बावरी, हरी सिंह बावरी, केसरमल बावरी, जीतमल बावरी, नथमल बावरी। “केसरमल बावरी” इस पंक्ति में एक नाम है, और साधनार्थिक दृष्टि से इसकी विशेषता और महत्व माना जाता है। “सबल सिंह बावरी” नामक…...

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माँ चामुंडा देवी का पूजन और साधना तंत्रशास्त्र में अत्यंत प्रभावशाली और रहस्यमयी मानी जाती है। यह साधना सामान्य पूजा-पाठ से अलग होती है और विशेष रूप से नवरात्रि जैसे शक्तिशाली काल में की जाती है। चूंकि नवरात्रि के नौ दिन माँ दुर्गा और उनके विभिन्न रूपों की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माने जाते…...

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विजया अप्सरा साधना केवल दसहरा की रात में की जाती है। साधक के समर्पित साधना के दौरान अप्सरा साधक के सामने हाजिर होती हैं। साधना विवरण (तालिका) विषय विवरण दिन दशहरा की रात्रि दिन जाप 1 दिन समय रात 10 बजे से वस्त्र लाल आसन लाल माला स्फटिक जाप 21 माला दिशा उत्तर मुख पूजन…...

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