ये साधना नौचन्दी जुमेरात को शुरू करनी हैयानि गुरूवार की रात को नौचन्दी में रात दस बजे हरे रंग के आसन पर पश्चिम मुख होकर बैठना है सर पर टोपी पहनेसफेद कपडे पहनेंऊद का इत्र लगायेंदेसी घी का चिराग जलायें सबसे पहले उस्ताद के नाम से दो अगरबत्ती जलाकर मिठाई का भोग देंउसके बाद मोहम्मद…...

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नीबूं को हवा मे उठाकर साधक अपनी शक्ति का परिचय देता हैयेसा साधक बहुत कुछ कर सकता है जमीन से नीबू उठा देने पर एक दूसरा तात्रिक उस पर नोटो की बारिश कर सकता है ।ये‌ विधि पूरे नियम से करने पर आप नीबूं हवा मे उठा सकते है साधना विधि ये साधना उग्र साधना…...

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अनेक साधक हमसे पूछते हैं कि शिव को गुरु बनाने की विधि क्या है, या किस प्रकार शिव को अपना आध्यात्मिक मार्गदर्शक बनाया जाए। परंतु यह प्रश्न भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है कि यदि आप शिव को गुरु बना भी लें, तो क्या आप उनके आदेशों, संकेतों और दिव्य मार्गदर्शन को पहचान पाएंगे? उसे समझकर… Read More


जिन लोगो के कोई गुरु नहीं है,और जो बिल्कुल नय है, साधना क्षेत्र में, उनके लिए
सबसे सरल, भयहीन साधना है, इसमें दूत

साधक को तनिक भी नहीं डराता, न ही नुकसान होता है। किसी चीज का बहुत आसान सरल सौम्य प्रयोग है।

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यह शक्ति लगभग डेढ़ फुट के आकार में प्रत्यक्ष दर्शन देती है। स्वभाव से यह अत्यंत चंचल और तीव्र गति वाली होती है। इस प्रजाति में नारी स्वरूप भी डेढ़ फुटिया होता है और पुरुष स्वरूप भी।

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ये मन्त्र सुरक्षा भी करता है और अभिचार करने बाले के ऊपर वापिस अटैक भी करता है अनेकों लोगों का अनुभूत है इस मन्त्र का 12500 जप से सिद्ध हो जाता है सामने एक छुरी रखें उस पर हनुमान सिंदूर लगाएं गणेश जी के मंन्त्र की एक माला जप करें जल फूल चावल सिंदूर और… Read More


जमीन के धन के विषय में आजकल काफी संख्या में लोग लगे रहते है |दफीने का काम या जमीनी धन का काम अनेको लोगो के लिए जानलेवा ही साबित होता है क्योंकि एसे स्थानों पर उस धन का जिम्मा किसी बड़ी शक्ति के हिस्से होता है "जैसे पहले आज की तरह बैंक लोकर आदि नही होते थे और लोगो के सामने समस्या होती थी कि सोना चांदी आदि कहाँ रखे ,पहले नगदी ज्यादा नही होता था जो कुछ था बस सोना चांदी ही था |ऐसे में लोग अपना धन पोटली में बाँधकर किसी धातु के घड़े मटके ,मिटटी के मटके में डालकर जमीन में गाड देते थे | अब कुछ कई लोग उस धन का प्रयोग ही जीवन में नही करते थे और धन के मालिक की मृत्यु के बाद वो धन अज्ञात जगह बनकर जमीन में ही रह जाता था |लिहाजा उस धन का जिम्मा कुबेर के अंग शक्तियों के पास आ जाता है और अधिकतर जगहों पर कुबेर के यक्षो की ,य्क्षिनियो की कही कही प्रेत की चौकी आ जाती है |अब वो शक्तियाँ फ्रंट में प्रत्यक्ष भौतिक एक रूप का चयन करती है वहां सामने से लड़ने की जिम्मेदारी आती है नाग शक्ति की |और इसमें शक्तियों के साथ पाताल भैरवी का आशीर्वाद रहता है | इसलिए जब कोई निकालने की कोशिश करते हैं तो सीधे शक्तियाँ अटैक करती है ,कई जगह महाकाल की,नाग जोड़ो की चौकी बैठाये हुए मिलती है ऐसे में ये कार्य तब मिलता है जब या तो धन २०० वर्ष के आसपास से ज्यादा पुराना है या फिर कई साधक होते थे पहले जो ये सुरक्षा के लिए थोड़े धन के बदले में ये कार्य करते थे ,लोग उनसे धन गाडकर चौकी लगा देते थे |एसे में इस तरह की चौकी तोड़ने में कई प्रचंड साधको की जान तक चल जाती है |

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कई बार लोग बंधन लगा देते है बंधन दुकान बिजनेस व्यवसाय रिश्ते विवाह धन सौन्दर्य पौरुष बल खेती धन पशु अनाज सबमे लगता है ,यहाँ तक की शरीर की उर्जा बलिष्ठता विकास आदि से लेकर सन्तान वृद्धि और तो और घर के देवता पित्तर तक का बंधन लग जाता है |अधिकतर बंधन आपके परिवारिक या… Read More


जब स्त्री बच्चे को जन्म देती है उस समय कई बार स्त्रियों के स्तन में गांठ जैसी बन जाती है स्तन लाल हो जाता है और स्त्री को असहय दर्द और बुखार होता है कई बार तो डॉक्टर उसे स्तन का कैंसर भी कह देते हैं जबकि उसका इलाज इस मन्त्र से आसांनी से हो… Read More


आज मैं आप सभी साधकों के समक्ष पेश कर रहा हूँ — पाताल भैरवी साधना: एक प्राचीन, गहन और अत्यंत प्रभावशाली तांत्रिक पद्धति जो साधक के भीतर छिपी धन-संवेदनाओं को जाग्रत कर देती है। इसके नियम, मन्त्र और गृह-स्थिरता पर आधारित अनुष्ठान साधक को उस प्रकार की दृष्टि व सामर्थ्य प्रदान करते हैं जिससे वह…...

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