कुछ साधक साधना करते हैं तो साधना सफल होने पर उन्हें यह समस्या आती है कि देव के प्रत्यक्ष होने पर क्या करना चाहिए।आज मैं बताता हूँ कि देव से किस प्रकार वचन लिये जाते हैं।साधना के अन्तिम दिन विशेष तैयारी करनी चाहिए — चाहे साधना किसी की भी हो।गुलाब के फूलों की माला अवश्य…...

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साधना की सफलता का प्रथम आधार सही और शुद्ध प्राथमिक पूजन माना गया है।बहुत से साधक बिना पूजन-विधि जाने ही साधना प्रारंभ कर देते हैं, जिसके कारण साधना अधूरी या निष्फल रह जाती है।प्राथमिक पूजन साधक और देवी-देवताओं के बीच आध्यात्मिक सेतु का निर्माण करता है।यह पूजन साधना के स्थान, शरीर, मन और ऊर्जाक्षेत्र—सभी को… Read More


खवीश साधना अत्यंत गुप्त और तेज़ फल देने वाली मानी जाती है।यह साधना साधक के चारों ओर अदृश्य शक्ति निर्मित कर देती है।अटके हुए कार्य, बाधाएँ और रुकावटें तीव्र गति से दूर होने लगती हैं।साधना के दौरान साधक को असाधारण अनुभूतियाँ मिलना सामान्य है।पूर्ण नियम, विश्वास और गोपनीयता इस साधना की अनिवार्य शर्तें हैं। शनिवार…...

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यह प्रयोग विशेष रूप से कठिन, अटके हुए और लंबे समय से रुके कार्यों के लिए अत्यधिक फलदायी माना गया है।
साधक यदि नियमपूर्वक इस सिद्ध प्रयोग को अपनाता है, तो उसकी मनोकामना शीघ्र सिद्ध होती है।
महाकाल भैरव की कृपा से यह कार्यसिद्धि प्रयोग आज तक असफल नहीं गया है।

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.विधि : पहिले खास तरीके से एक अगियारी बनावे | अगि- यारी में आग जलावे । उसके पास एक बाजू में दिया रखे और दूसरी बाजू में गुग्गुल का धूप करे । अगियारी के सामने मद्य रखे और मछली के कबाब का भोग लगावे । उक्त मन्त्र का १०८ बार ‘जप’ करे । जब मन्त्र…...

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अक्सर जब आपको कोई कवच की जरूरत होती है किसी साधना में तो हनुमंत बाबा का रक्षा कवच बेहद शानदार मन्त्रो में पूर्ण सम्मान के साथ देखा जाता है | इस कवच की खासियत ये है कि भले आपको अपनी रक्षा के लिए प्रयोग करना हो या किसी की उपरी अलबला हटाने के लिए प्रयोग…...

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देव देवियों के आदि” “हर प्रश्न का उत्तर जानना किसी भी दिपक में बुलाये बात करे हर प्रश्न का हल दिव्य मंत्र विशेष -यह अनमोल मंत्र देने जा रहा हूं आप किसी भी गांव में जाए इस मंत्र के स्मरण करने से कोई परास्त नहीं कर सकता है मंत्र-ठाकुर देव जगज्योत विहावे सावन-सावन टिगनर टिगनर…...

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कई बार किसी पितृ, पूर्वज या संरक्षक शक्ति का संकेत भी पहले ही मिल जाता है; परंतु मनुष्य अक्सर उन संदेशों को समय रहते पहचान नहीं पाता। मैली विद्या के प्रभाव पीड़ित पर कैसे पड़ेंगे, यह हर घर की स्थिति और मानसिकता के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इतना अवश्य सत्य है कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो छह महीनों से एक वर्ष के भीतर किसी अनिष्ट की संभावना बनी रहती है—जैसे कबूतर आँखें बंद करके बिल्ली से नहीं बचता।

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इस मंत्र का 11 बार जाप करके आसन पर बैठते ही, शूद्र-शक्तियाँ, भूत-प्रेत, बाधाएँ और छोटी-मोटी दैविक शक्तियाँ साधना में व्यवधान नहीं डाल पातीं; साथ ही किसी नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव साधक पर नहीं होता। यह मंत्र सरल है—साधक इसे स्मरण कर लें और हर साधना से पूर्व आसन बिछाते समय इसका जाप अवश्य करें।

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अघोर साधना:- यह साधना कृष्ण पक्ष की अमावस्या ,शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को की जाती है और यदि इस दिन शनिवार,मंगलवार हो तो अति उत्तम रहता है। यह तीन प्रकार से की जाती है। शव साधना:-शव साधना में 30-35 वर्ष के व्यक्ति का शव होना चाहिए।और चंडाल या अकाल मृत्यु को प्राप्त हुये व्यक्ति के…...

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