लहरी साधना हर सिद्ध चरण की November 18, 2025 लहरी मन्त्र साधना अर्थात एक लहर की तरह आगे बढने का चरण है जिसमे आपको अपने अक्ष से जुडी विडियो को जाग्रति करने का जरूरत होता है इस साधना पद्धति में सबसे पहले आपको अपने परिवेश को साधना है और आपको इसके अनंत लाभ प्राप्त होते है |आप चाहते है शक्तियों का दर्शन हो,आप चाहते है हर साधना में सफलता मिले आपके पास कर्जमुक्ति ,धन दौलत ,व्यापार वृद्धि, बीमारी इलाज जैसे बहुत सारे अलग अलग साधना करने का समय नही होता है ऐसे में केवल एक साधना लहरी होता है जिससे आपका जीवन पटरी पर लौट आता है |थोडा कठिन है ,समय लगता है शरीर तपना पड़ेगा श्रमसाध्य कार्य है लेकिन असम्भव नही है | इन सब विधा को तीन माह में पूर्ण करा जा सकता है अगर व्यक्ति दो घंटे रात्रि को और एक से दो घंटे सुबह दे दे तो |आप चाहे की आपको कुछ भी न करना पड़े और चमत्कार हो जाये तो संसार में बस भटकते रहिये और रोते रहिये लेकिन अगर आप चाहे कि जीवन बदल जाए तो आइये इस पथ पर आपका स्वागत है | Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
शत्रु निवारण November 18, 2025 तंत्र-शास्त्र में “शत्रु निवारण” का तात्पर्य केवल किसी विरोधी व्यक्ति को रोकना नहीं, बल्कि उन सभी नकारात्मक प्रवाहों, मानसिक आक्रमणों, दुष्प्रभावों और ऊर्जात्मक असंतुलनों को नियंत्रित करना है जो किसी साधक या परिवार की शांति भंग करते हैं। यह अवधारणा शत्रु-विजय से अधिक शत्रु-शमन Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
माता काली को बुलाने का तामसिक मंत्र November 18, 2025 शाक्त तंत्र में माता काली की साधनाएँ मुख्यतः तीन प्रवाहों में विभाजित मानी जाती हैं—सात्त्विक, राजसिक, और तामसिक। तामसिक साधनाएँ वे होती हैं जिनमें साधक भय, क्रोध, रात के घोर समय, श्मशान अथवा अत्यंत शक्तिशाली ऊर्जा-क्षेत्रों का उपयोग करके अपनी चेतना को चरम स्तर पर ले जाता है। इन साधनाओं का उद्देश्य देवी को “बुलाना” नहीं होता, बल्कि साधक की आंतरिक शक्ति, दृढ़ता, और तांत्रिक क्षमता को विकसित करना होता है, ताकि वह विकट परिस्थितियों और नकारात्मक ऊर्जाओं का सामना कर सके। Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
महाबली का बल दाता मंत्र साधना November 17, 2025 ग्रहण वाले दिन माला जाप घी का दीपक व गूगल धूनी जलाकर करे पूर्व मुख रहेगा.पुरे ग्रहण जप करे.फिर मंगलवार को प्रात:काल स्नानकर व्रत रखें काठ(लकड़ी) की गदासामने रखकर (आसन पर) पूर्व की ओर मुंह कर बैठे औरप्रार्थना कर मंत्र जप 108 बार करें।फिर प्रतिदिन स्नानकर कम से कम । बार ये मंत्र जपे तंब… Read More Share this... Facebook Whatsapp Messenger Twitter Linkedin Threads Telegram Email Copy
भैरवी साधना के लिए उपयुक्त आयु वर्ग November 17, 2025 तंत्र साधना सामान्य वैदिक, दक्षिणमार्गी या योग साधना से बिल्कुल अलग दिशा में कार्य करती है। यह मार्ग शरीर को ही अस्त्र बनाकर उसकी ऊर्जा को नियंत्रित और उपयोग करता है।तंत्र में वाममार्ग, कुंडलिनी जागरण और विशेष रूप से भैरवी विद्या महत्वपूर्ण स्थान रखती है—हालाँकि यह मार्ग अक्सर विवादास्पद माना जाता है, लेकिन इसके सूत्र…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
भैरवी विद्या सफलता सूत्र November 17, 2025 भैरवी विद्या शैव दर्शन पर आधारित एक अत्यंत गूढ़ विद्या है। इसका मानना है कि जन्म-जन्मान्तरों से जो चेतना, संस्कार और ऊर्जा हमारे भीतर विकसित होकर एक पूर्ण शरीर प्रदान करते हैं, वह सदाशिव का वरदान है। मानव-शरीर एक ऐसा यंत्र है जिसकी शक्तियाँ असीमित हैं।जब साधक इस यंत्र की ऊर्जा-धारा को समझकर उसे अधिक…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
।। सूतक–पातक निर्णय ।। November 17, 2025 हिन्दू धर्म में सूतक और पातक दो महत्वपूर्ण परंपराएँ मानी जाती हैं।जब किसी परिवार में जन्म या मृत्यु होती है, तो उससे उत्पन्न होने वाली अशुद्धि के कारण संबंधित परिवार में सूतक मान लिया जाता है।मृतक के रक्त-संबंध वाले सभी परिजनों के घर में यह सूतक लागू होता है। नीचे इस विषय में संक्षिप्त और…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
राहु और केतु — कलियुग की दो चरम शक्तियाँ November 17, 2025 कलियुग में राजा राहु को माना गया है। राहु की विशेषता यह है कि उसकी इच्छाएँ असीमित होती हैं—ऐसी इच्छाएँ जो कभी पूरी नहीं हो सकतीं। यही अधूरी इच्छाएँ मनुष्य के जीवन में दुःख का मूल कारण बनती हैं।राहु का पेट कभी नहीं भरता, क्योंकि राहु का पेट होता ही नहीं—ऊर्जा का यह ग्रह केवल…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here
कामाख्या की साधना कैसे करें November 17, 2025 अंबुबाची के पवित्र काल में देवी-साधना की शक्ति कई गुना अधिक प्रभावी मानी जाती है। इस अवधि में किया गया मंत्र-जप, हवन या कोई भी तांत्रिक अनुष्ठान अत्यंत शुभ फल प्रदान करता है। विशेषतः जब अष्टमी का दिन शनिवार के साथ संयोजन में आता है, तब साधना की सिद्धि का योग और प्रबल हो जाता है। योग्य साधक इस शुभ मुहूर्त से अपनी 21 दिवसीय साधना का आरंभ कर सकता है। यदि चाहें, तो अन्य सामान्य दिनों में भी यह साधना पूर्ण प्रभाव के साथ की जा सकती है।… Read More Share this... Facebook Whatsapp Messenger Twitter Linkedin Threads Telegram Email Copy
श्मशान साधना — तंत्र का अत्यंत प्रभावी मार्ग November 17, 2025 तंत्र-जगत में श्मशान साधना एक अत्यंत प्रसिद्ध और प्रभावशाली साधना मानी जाती है। यह कोई साधारण पद्धति नहीं, बल्कि ऐसी साधना है जिसके द्वारा साधक बहुत शीघ्र और अत्यंत शक्तिशाली सिद्धियाँ प्राप्त कर लेता है। समाज में इसके बारे में कई भ्रांतियाँ फैली हुई हैं, परंतु वस्तुतः यह भी प्रकृति-शक्ति की एक विशिष्ट साधना है—न…... Premium Membership Required You must be a Premium member to access this content.Join NowAlready a member? Log in here